देश के सबसे बड़े लोकतांत्रिक पर्व गणतंत्र दिवस को लेकर राजधानी दिल्ली पूरी तरह सुरक्षा के अभेद्य कवच में तब्दील हो चुकी है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से मिले कई संभावित आतंकी खतरे के इनपुट्स को गंभीरता से लेते हुए कर्तव्य पथ और पूरे नई दिल्ली जिले में अत्याधुनिक तकनीक आधारित बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
इस बार सुरक्षा इंतजाम केवल संख्या में नहीं, बल्कि तकनीकी मजबूती और रणनीतिक सतर्कता के लिहाज से भी पहले से कहीं अधिक उन्नत हैं।
नदियों के नाम पर एनक्लोजर, बदला सुरक्षा पैटर्न
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह के लिए बैठने वाले क्षेत्रों (एनक्लोजर) के नाम देश की प्रमुख नदियों के नाम पर रखे गए हैं। यह व्यवस्था न केवल सांस्कृतिक पहचान को दर्शाती है, बल्कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा नियंत्रण को भी अधिक व्यवस्थित बनाती है।
मेहमानों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा तैनाती के पैटर्न में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं।
कर्तव्य पथ पर संयुक्त सुरक्षा घेरा
नई दिल्ली जिले के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त देवेश कुमार महला के अनुसार, कर्तव्य पथ क्षेत्र में दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों का संयुक्त बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है।
पूरे इलाके पर सीसीटीवी कैमरों के विशाल नेटवर्क के जरिए नजर रखी जा रही है, जिन्हें एडवांस्ड फेसियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) से जोड़ा गया है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई हो सके।
10 हजार से अधिक पुलिसकर्मी, 9 बार हो चुकी है रिहर्सल
गणतंत्र दिवस के दिन करीब 10,000 पुलिसकर्मी सुरक्षा में तैनात रहेंगे। अब तक 9 बार जमीनी स्तर पर ब्रीफिंग और रिहर्सल की जा चुकी है।
महला ने स्पष्ट किया कि चूंकि गणतंत्र दिवस समारोह निर्धारित समय और प्रोटोकॉल के तहत होता है, इसलिए मानक सुरक्षा नियमों में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।
एंटी-ड्रोन यूनिट और स्नाइपर की चौकस निगरानी
आधुनिक खतरों को देखते हुए एंटी-ड्रोन यूनिट्स को हवाई निगरानी के लिए तैनात किया गया है। इसके साथ ही ऊंची इमारतों पर स्नाइपर टीमों की मौजूदगी किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए चौबीसों घंटे सतर्क रहेगी।
होटल, गेस्ट हाउस, किरायेदारों और घरेलू सहायकों का व्यापक सत्यापन अभियान भी चलाया जा रहा है।
दर्शकों के लिए तीन स्तर की जांच
समारोह में शामिल होने वाले हर नागरिक को कम से कम तीन स्तर की सुरक्षा जांच से गुजरना होगा।
डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD), हाथ से जांच और इलेक्ट्रॉनिक स्कैनिंग के जरिए भीतरी, मध्य और बाहरी सुरक्षा घेरों में सख्त निगरानी रखी जाएगी। वाहनों की भी गहन जांच होगी।
1,000 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे, AI की पैनी नजर
कंट्रोल रूम से एसआई कुलदीप यादव ने बताया कि पूरे क्षेत्र में लगभग 1,000 हाई-रिजॉल्यूशन कैमरे लगाए गए हैं।
AI और FRS सिस्टम किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति या संदिग्ध वाहन की पहचान करते ही तुरंत अलर्ट जारी करेंगे, जिससे त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।

मेट्रो और एनक्लोजर व्यवस्था
डीएमआरसी के सहयोग से मेट्रो स्टेशनों पर लगातार घोषणाएं की जा रही हैं। बीस से झेलम एनक्लोजर: उद्योग भवन मेट्रो स्टेशन कावेरी से यमुना एनक्लोजर: केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन यह व्यवस्था भीड़ को सही दिशा देने और अव्यवस्था से बचाने के लिए की गई है।
इन वस्तुओं पर पूरी तरह प्रतिबंध
सुरक्षा कारणों से समारोह स्थल के भीतर बैग, खाने-पीने का सामान, पावर बैंक, पानी की बोतल, छाता, परफ्यूम, खिलौना हथियार, नुकीली वस्तुएं और किसी भी प्रकार का विस्फोटक ले जाना सख्त मना है।
दिल्ली पुलिस की नागरिकों से अपील
दिल्ली पुलिस ने आमंत्रित मेहमानों और टिकट धारकों से अपील की है कि वे निर्धारित मार्गों का ही उपयोग करें, निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत 112 पर दें।
