Communal Civil Code: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने स्वतंत्रता दिवस के इस मौके पर लाल किले की प्राचीर से सेकुलर सिविल कोड की जरूरत बताई है. पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो कानून जो देश को धर्म के नाम पर बांटते हैं उन्हें दूर किया जाना चाहिए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देश में एक सेकुलर सिविल कोड की जरूरत है और गलत कानूनों का आधुनिक समाज में कोई भी जगह नहीं है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मौजूदा नागरिक संहिता एक कम्युनल नागरिक संहिता (Communal Civil Code) है. अब हमें एक धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता की आवश्यकता है.

क्या बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

लाल किले की प्राचीन से PM नरेंद्र मोदी ने कहा कि, “नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों को पूरा करना भारत के 140 करोड़ लोगों का कर्तव्य है और मैं इस पर बहस चाहता हूं. जो कानून सांप्रदायिक और भेदभावपूर्ण हैं उनका कोई भी स्थान नहीं है, हमें एक धर्मनिरपेक्ष नागरिक संहिता की आवश्यकता है.”

क्या होता है यूनिफॉर्म सिविल कोड?

यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC/Uniform Civil Code) का मतलब है कि देश में रहने वाले सभी नागरिकों (हर धर्म, जाति, लिंग के लोग) के लिए एक ही कानून होना. अगर किसी भी राज्य में सिविल कोड लागू होता है तो विवाह, तलाक, बच्चा गोद लेना और संपत्ति के बंटवारे जैसे तमाम विषयों में हर नागरिकों के लिए एक समान कानून ही होगा. संविधान के चौथे भाग में राज्य के नीति निदेशक तत्व का विस्तृत ब्यौरा भी है जिसके अनुच्छेद 44 में कहा गया है कि सभी नागरिकों के लिए समान नागरिक संहिता लागू करना सरकार का दायित्व है.

PM नरेंद्र मोदी ने लगातार 11वीं बार लाल किले की प्राचीर से ध्वजारोहण किया है. इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी लाल किले की प्राचीर से प्राकृतिक आपदा से लेकर रिफॉर्म्स और गवर्नेंस मॉडल तक, कई विषयों पर बोले है. उन्होंने आजादी से पहले जनसंख्या की चर्चा की, आजादी का जिक्र किया और 2047 तक विकसित भारत बनाने का संकल्प व्यक्त भी किया.

महिलाओं की सुरक्षा पर क्या बोले पीएम नरेंद्र मोदी

पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि महिलाओं के साथ राक्षसी कृत्य करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जानी चाहिए. अपराधियों के मन में भय पैदा करने की बहुत जरूरत है. महिलाओं के साथ जब इस तरह की राक्षसी घटनाएं होती हैं तब इसकी बहुत चर्चा होती है लेकिन जब उस मामले में अपराधी को सजा सुनाई जाती है, तो कोई भी चर्चा नहीं होती. अब समय आ गया है जब सजा की भी उतनी ही चर्चा हो जिससे अपराधियों के मन में भय पैदा हो कि ऐसा अपराध करने पर कैसी सजा होती है.

वन नेशन, वन इलेक्शन पर भी बोले पीएम नरेंद्र मोदी

PM मोदी ने कहा कि देश में बार-बार चुनाव प्रगति में रुकावट बन जाते हैं, बाधक बन जाते हैं. हर काम को अब चुनाव के रंग से रंग दिया गया है. व्यापक चर्चा हुई है. राजनीतिक दलों से आग्रह करता हूं कि भारत की प्रगति के लिए, संसाधनों का सर्वाधिक उपयोग जनसामान्य के लिए हो, इसके लिए वन नेशन वन इलेक्शन के लिए आगे आना चाहिए.

प्रधानमंत्री

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