जमुई के टाउन थाना क्षेत्र अंतर्गत नारडीह के पास सड़क किनारे जड़ी-बूटी बेचने वाले दो सगे भाइयों के साथ मंगलवार को बेरहमी से मारपीट की गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही टाउन थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं घायल भाई
घायल भाइयों की पहचान उत्तर प्रदेश के चित्रकूट निवासी मंगल सिंह और सूरज सिंह के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दोनों भाई पिछले कई वर्षों से नारडीह के पास अस्थायी झोपड़ी बनाकर जड़ी-बूटी बेचकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों के बीच उनकी पहचान मेहनतकश और शांत स्वभाव के लोगों के रूप में रही है।
मोबाइल चार्जिंग को लेकर शुरू हुआ विवाद
घायलों के अनुसार, वे पास की एक चाय दुकान पर अपना एंड्रॉयड मोबाइल फोन चार्ज करवाते थे। इसके बदले दुकानदार उनसे 10 रुपये लिया करता था। मंगलवार को भी उन्होंने अपना मोबाइल चार्ज करने के लिए दुकान पर दिया था।
जब वे कुछ देर बाद मोबाइल लेने पहुंचे तो दुकानदार ने मोबाइल होने से इनकार कर दिया। इस पर दोनों भाइयों ने आपत्ति जताई और कहा कि जब चार्जिंग के पैसे लिए जाते हैं तो मोबाइल की जिम्मेदारी भी बनती है। इसी बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई।
आधा दर्जन लोगों ने मिलकर की पिटाई
विवाद इतना बढ़ गया कि आधा दर्जन से अधिक लोगों ने मिलकर दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि लाठी-डंडों और लात-घूंसों से उनकी जमकर पिटाई की गई। इस हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
सदर अस्पताल में चल रहा इलाज
दोनों घायलों को तुरंत सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार, दोनों को शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। फिलहाल उनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है।

शिकायत मिलने पर होगी सख्त कार्रवाई: जमुई थाना अध्यक्ष
टाउन थाना अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि पुलिस घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच कर रही है और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी बढ़ा दी गई है।
गरीब मेहनतकशों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर सड़क किनारे जीवन-यापन करने वाले गरीब और प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी कमजोर तबके के लोगों पर हाथ उठाने से पहले सौ बार सोचे।
