Parliament Budget Session Lok Sabha Rajya Sabha LIVE News Updates: संसद के बजट सत्र का सोमवार से दूसरा चरण शुरू हो गया है। इसके भी हंगामेदार रहने के आसार हैं। सत्र के पहले दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष के प्रस्ताव पर चर्चा होगी। वहीं विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देंगे।
विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना- जेपी नड्डा
भाजपा सांसद जेपी नड्डा ने राज्यसभा में कहा कि देश के हित में किए जा रहे कामों के बावजूद विपक्ष समय-समय पर सदन से वॉक आउट करता है। उन्होंने बताया कि पश्चिम एशिया की परिस्थितियों और भारत की मंशा पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने साफ और विस्तृत जानकारी दी है।
जेपी नड्डा ने कहा एनर्जी और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विदेश मंत्री ने सभी सवालों का संतोषजनक जवाब दिया। दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष का व्यवहार गैर-जिम्मेदाराना है। इसकी जितनी निंदा की जाए, उतनी कम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार लगातार भारतीय नागरिकों और राष्ट्रीय हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सक्रिय है।
पश्चिम एशिया की अस्थिरता से भारत पर असर, 1 करोड़ भारतीय प्रभावित-खरगे
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते जियो-राजनीतिक हालात का प्रभाव सीधे भारत पर पड़ रहा है। भारत अपनी कुल ऊर्जा का लगभग 55% हिस्सा पश्चिम एशिया से प्राप्त करता है।
उन्होंने बताया कि क्षेत्र में अस्थिरता के कारण भारत पर इसका गंभीर असर पड़ता है, क्योंकि लगभग 1 करोड़ भारतीय वहां काम कर रहे हैं। हाल के घटनाक्रम में कई भारतीय नागरिक मारे गए और कई लापता हैं। उनके बयान के दौरान सदन में विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया।

पश्चिम एशिया संकट पर संसद में विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर किया प्रदर्शन
पश्चिम एशिया संकट को लेकर लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी और राज्यसभा में नेता विपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य विपक्षी सांसदों ने संसद के मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया।
#WATCH | Delhi | Opposition MPs, including LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi and LoP, Rajya Sabha, Mallikarjun Kharge, protest at Makar Dwar in Parliament on the West Asia conflict issue pic.twitter.com/zlCcykUhFa
— ANI (@ANI) March 9, 2026
IRIS Lavan पर भी बोले जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि इस समय नेतृत्व स्तर पर ईरान के साथ संपर्क साधना स्पष्ट तौर पर कठिन है। उस स्थिति के बावजूद, ईरान के विदेश मंत्री ने भारत का धन्यवाद किया है कि भारत ने ईरान के युद्धपोत IRIS Lavan को कोच्चि पोर्ट में डॉक होने की अनुमति दी एक मानवीय कार्रवाई के रूप में, जिसे ईरान ने सराहा है।
जयशंकर ने बताया कि भारत ने जहाज को तकनीकी सहायता और सुरक्षित ठहराव के लिए कोच्चि पोर्ट में डॉक करने की मंजूरी दी थी और इसका स्वागत ईरानी अधिकारियों ने दोस्ताना संबंधों की मिसाल के तौर पर किया है।
‘भारतीयों की सुरक्षा के लिए जारी की गई कई बार चेतावनी’
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर जानकारी देते हुए कहा कि भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई चेतावनी और सलाह जारी की गई हैं। जयशंकर ने बताया 14 जनवरी को दूसरी चेतावनी जारी की गई, जिसमें भारतीय नागरिकों से यात्रा से बचने की सलाह और भी सख्त शब्दों में दी गई। इसी दिन मुंबई के डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग ने भारतीय समुद्री कर्मियों के लिए अपनी चेतावनी जारी की और उन्हें दूतावास की सलाह का पालन करने तथा जहाजों की अनावश्यक गतिविधियों से बचने का निर्देश दिया। भर्ती और शिपिंग कंपनियों से कहा गया कि वे भारतीय समुद्री कर्मियों को ईरान भेजने या नियुक्त न करें।
उन्होंने आगे बताया हमारी स्थिति का आकलन करते हुए भारतीय दूतावास, तेहरान ने 14 फरवरी को एक और सलाह जारी की, जिसमें भारतीय नागरिकों, छात्रों, तीर्थयात्रियों, व्यापारियों और पर्यटकों से ईरान छोड़ने के लिए सभी उपलब्ध परिवहन साधनों का उपयोग करने और किसी भी सहायता के लिए दूतावास से संपर्क करने का निर्देश दिया गया। 24×7 मदद भी उपलब्ध कराई गई। यह सलाह 23 फरवरी को एक बार फिर सख्त शब्दों में दोहराई गई। कई लोग इन चेतावनियों का पालन कर देश छोड़ चुके हैं, लेकिन कई अन्य अभी भी ईरान और इराक में हैं। हम अपने मछुआरों के संपर्क में भी हैं, जो इराक से काम कर रहे हैं। यह स्थिति 28 फरवरी 2020 तक बनी रही। कल तक लगभग 67,000 हमारे नागरिक अंतरराष्ट्रीय सीमाओं को पार कर सुरक्षित लौट चुके हैं। पश्चिम एशिया में फंसे अपने नागरिकों को वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
‘भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि’
विदेश मंत्री ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय स्थिति गंभीर है और सुरक्षा हालात लगातार बिगड़ रहे हैं। इस संघर्ष ने अन्य देशों में भी तबाही और आतंक फैला दिया है। पूरे क्षेत्र में सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं, कुछ जगहों पर पूरी तरह ठप हो गई हैं।
जयशंकर ने बताया कि इस गंभीर स्थिति के मद्देनजर 1 मार्च को प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट कमेटी ऑफ सिक्योरिटी (सीसीएस) की बैठक हुई। बैठक में ईरान पर हवाई हमले और खाड़ी के कई देशों में हुए हमलों के बारे में जानकारी दी गई। सीसीएस ने क्षेत्र में भारतीय समुदाय की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की। विदेश मंत्री ने कहा “सरकार संघर्ष के शुरू होने के बाद से पश्चिम एशिया में स्थिति का निरंतर मूल्यांकन कर रही है। हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं कि वहां फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाया जाए।” विदेश मंत्री ने सदन से यह भी साझा किया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय शांति बनाए रखने और भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।
VIDEO | Delhi: External Affairs Minister S. Jaishankar (@DrSJaishankar) addresses the Rajya Sabha on the West Asia conflict, saying, “The conflict has continued to intensify and the security situation in the region has deteriorated significantly. We have noted that, in fact, the… pic.twitter.com/UKlv4LmWhM
— Press Trust of India (@PTI_News) March 9, 2026
‘ पीएम लगातार पश्चिम एशिया की स्थिति पर कर रहे निगरानी’
विदेश मंत्री जयशंकर ने राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देते हुए कहा प्रधानमंत्री लगातार उभरती घटनाओं पर करीब से नजर बनाए हुए हैं और संबंधित मंत्रालय प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए समन्वय कर रहे हैं। जयशंकर ने सदन को भरोसा दिलाया कि भारत की विदेश नीति क्षेत्रीय घटनाओं पर सतर्क प्रतिक्रिया देने और देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार सक्रिय है।
जयशंकर ने सदन से कहा हमने 3 मार्च को फिर से संवाद और कूटनीति की अपील की और संघर्ष के शीघ्र समाप्त होने की आवश्यकता जताई। यह संघर्ष भारत के लिए विशेष चिंता का विषय है। खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। हमारा यह कर्तव्य है कि हम उनकी सुरक्षा और क्षेत्र की स्थिरता सुनिश्चित करें।
VIDEO | Delhi: External Affairs Minister S Jaishankar (@DrSJaishankar) addresses the Rajya Sabha on the West Asia conflict, saying, “Minister, I rise to apprise this house, this August house, of recent developments in West Asia that are a cause of deep concern to all of us. As… pic.twitter.com/Bb1VJ8brWL
— Press Trust of India (@PTI_News) March 9, 2026
पश्चिम एशिया संकट पर गहरी चिंता, संवाद और कूटनीति जरूरी- राज्यसभा में जयशंकर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर जब राज्यसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देने के लिए उठे, तब विपक्षी सांसदों ने आपत्ति जताई। विपक्ष ने कई मुद्दों पर सवाल उठाए और कहा कि उन्हें पर्याप्त जानकारी नहीं दी गई। जयशंकर ने कहा यह सभी के लिए गहरी चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ और इसमें केवल इस्राइल और अमेरिका बनाम ईरान ही नहीं, बल्कि कई खाड़ी देशों पर भी हमले हुए। इस दौरान नेतृत्व स्तर पर ईरान में कई हताहत हुए और क्षेत्र की बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा।
जयशंकर ने बताया ‘सरकार ने 28 फरवरी को ही बयान जारी कर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी और सभी पक्षों से संयम बरतने, तनाव बढ़ाने से बचने और नागरिक सुरक्षा को प्राथमिकता देने का आग्रह किया था। हम मानते हैं और अभी भी मानते हैं कि तनाव कम करने और मूल समस्याओं को हल करने के लिए संवाद और कूटनीति का मार्ग अपनाया जाना चाहिए।’
लोकसभा ने शोक-संदर्भ के बाद कार्रवाई स्थगित
लोकसभा ने सदस्यों के निधन पर शोक-संदर्भ प्रस्तुत करने के बाद अपनी बैठक स्थगित कर दी। बैठक का अगला सत्र आज दोपहर 12 बजे पुनः शुरू होगा। वहीं, राज्यसभा का कामकाज नियमित रूप से जारी है।
प्रियंका ने पश्चिम एशिया पर क्या बोला?
लोकसभा में आज विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। इस पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा मैं जानने के लिए उत्सुक हूं कि वे इस गंभीर विषय पर क्या कहेंगे।
#WATCH | Delhi: On EAM Dr S Jaishankar to make a statement in Parliament today on the situation in West Asia, Congress MP Priyanka Gandhi Vadra says, "I am keen to hear what he will say." pic.twitter.com/gc26kjlKuJ
— ANI (@ANI) March 9, 2026
दोनों सदनों में आज उठ सकता है पश्चिम एशिया संघर्ष और कच्चे तेल खरीद रियायत का मुद्दा
संसद के बजट सत्र के दौरान आज विपक्ष दोनों सदनों में ईरान‑अमेरिका/इस्राइल संघर्ष और अमेरिका द्वारा भारत को कच्चे तेल की अस्थायी रियायत से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार से जवाब मांगने के लिए विपक्षी दल संसद में चर्चा और प्रश्नकाल में इस विषय को प्रमुख रूप से उठाएंगे। हाल ही में अमेरिका ने वैश्विक तेल आपूर्ति के दबाव के चलते भारत को रूसी कच्चे तेल की 30‑दिन की अस्थायी छूट दी है, जिससे राजनीतिक बहस तेज हो गई है।
पश्चिम एशिया पर सरकार से पूछेंगे सवाल- संजय राउत
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि शासन करने वाली पार्टी को यह सोचना चाहिए कि ऐसा क्यों हुआ। 2014 से मोदी सरकार के कार्यकाल के बाद से, वे किसी भी सदन में विपक्ष को स्वीकार करने के इच्छुक नहीं रहे, चाहे वह लोकसभा हो या राज्यसभा। सरकार सदन का संचालन नहीं करती, विपक्ष के नेता को अपमानित किया जाता है और माइक्रोफोन बंद कर दिए जाते हैं।
पश्चिम एशिया में चल रही स्थिति पर विदेश मंत्री के बयान पर संजय राउत ने कहा जब हमारे विदेश मंत्री संसद में अपना बयान देंगे, तब हम उनसे इस विषय पर निश्चित रूप से कुछ सवाल पूछेंगे।
#WATCH | Delhi: On no-confidence motion against Speaker Om Birla, Shiv Sena (UBT) MP Sanjay Raut says, "The ruling party should think why this happened. Ever since Modi's rule began in this country in 2014, he has been unwilling to accept the opposition in any House, be it the… pic.twitter.com/IxElQiqP3R
— ANI (@ANI) March 9, 2026
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे पहुंचे संसद
लोकसभा के नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे संसद पहुंच गए है। कांग्रेस के लोकसभा सांसद आज संसद में कांग्रेस संसदीय दल के कार्यालय में सुबह 10.30 बजे बैठक करेंगे। संसद का बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो रहा है और यह 2 अप्रैल तक जारी रहेगा।
#WATCH | Delhi: Lok Sabha LoP and Congress MP Rahul Gandhi, Congress President Mallikarjun Kharge, arrive at the Parliament
The second phase of the budget session of Parliament will commence today and will continue till the 2nd of April pic.twitter.com/GFIWWyVSMG
— ANI (@ANI) March 9, 2026
‘पश्चिम एशिया संकट और लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हो चर्चा’
लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर विदेश मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि यह बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा है क्योंकि इस स्थिति का असर पूरे 140 करोड़ भारतीयों पर पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया “क्या केवल बयान देना पर्याप्त है, जबकि पूरा देश प्रभावित हो रहा है? सभी पार्टियों की सहभागिता वाली व्यापक चर्चा होनी चाहिए और सरकार को अपनी विदेश नीति पर स्पष्ट प्रतिक्रिया देनी चाहिए।”
वहीं लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर प्रमोद तिवारी ने कहा यदि 50 से अधिक सांसद इस अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करते हैं, तो इस पर संसद में चर्चा होगी। यह पहला अवसर नहीं है जब अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया है। सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का उद्देश्य सरकार को गिराना नहीं होता, बल्कि संसद में अपनी राय और विचारों को प्रस्तुत करना होता है।
#WATCH | Delhi | On EAM to make a statement in Parliament on the situation in West Asia, Congress MP Pramod Tiwari says," It is an important issue as 140 crore Indians are affected by this situation. Is it enough to give a statement on a situation which is affecting the entire… pic.twitter.com/lr4BZycN3s
— ANI (@ANI) March 9, 2026
फ्लोर लीडर्स की बैठक में होगा आगे का निर्णय- अखिलेश यादव
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर समाजवादी पार्टी सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि फ्लोर लीडर्स की बैठक बुलाकर आगे की कार्यवाही तय की जाएगी। अखिलेश यादव ने कहा “भारतीय जनता पार्टी सरकार में हमारी विदेश नीति बंधक हो गई है और महंगाई की बढ़ती दर के कारण हमारे कई भारतीय नागरिक जो विदेश में फंसे हैं, कई त्योहारों का जश्न भी नहीं मना पाए। आखिरकार, भारतीय सरकार क्या कर रही है?” उन्होंने आगे कहा फ्लोर लीडर्स की बैठक में इस मुद्दे पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।
#WATCH | Delhi: On motion seeking the removal of Lok Sabha Speaker Om Birla, Samajwadi Party MP Akhilesh Yadav says, "There will be a meeting of the floor leaders, in which it will be decided how to proceed further."
"Our foreign policy, under the Bharatiya Janata Party… pic.twitter.com/TkGG3gOZcW
— ANI (@ANI) March 9, 2026
पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा के लिए कांग्रेस और CPI सांसदों ने पेश किए नोटिस
संसद में आज से शुरू होने वाले दूसरे चरण के सत्र से पहले पश्चिम एशिया में जारी तनाव और इसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चर्चा की मांग उठी है। कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवालाने राज्यसभा में नियम 267 के तहत बिजनेस सस्पेंशन नोटिस पेश किया। उन्होंने तत्काल चर्चा की मांग करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में हालिया घटनाओं के कारण भारत पर पड़ने वाले असर पर विचार होना चाहिए।
इसी बीच, कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने लोकसभा में एजर्नमेंट मोशन नोटिस पेश किया। मोशन में कहा गया है कि “संसद आज का प्रश्नकाल, शून्य काल और अन्य निर्धारित कार्यों को स्थगित करके पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष और इससे भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर पड़ने वाले गंभीर प्रभाव पर चर्चा करे।”
वहीं, CPI सांसद पी संदोष कुमार ने राज्यसभा में नियम 267 के तहत बिजनेस सस्पेंशन नोटिस पेश किया। उन्होंने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका और ईरान के लंबे संघर्ष से उत्पन्न गंभीर संकट और वहां भारतीय समुदाय की सुरक्षा के लिए तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता पर चर्चा की मांग की।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर आज बयान देंगे जयशंकर
विदेश मंत्री एस जयशंकर सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर लोकसभा में बयान देंगे। यह जानकारी बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने से एक दिन पहले पहले जारी संसदीय कार्य सूची में सामने आई है। विपक्ष ने सदन में पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा की मांग की है। रविवार शाम जारी 9 मार्च की संशोधित कार्यसूची के मुताबिक, जयशंकर पश्चिम एशिया की स्थिति पर बयान देंगे। इससे पहले, शनिवार तक कार्यकारी सूची में विपक्ष समर्थित पर उस प्रस्ताव पर चर्चा ही सूचीबद्ध थी जिसमें ओम बिरला को लोकसभा अध्यक्ष पद से हटाने की मांग की गई है।
