AVN News Desk New Delhi: लोकसभा चुनाव में क्या दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ेंगी? आम आदमी पार्टी (AAP) के अंदरखाने से यह खबर बाहर आने लगी है। आम आदमी पार्टी की स्थापना के दिनों से सक्रिय राजेश चौधरी के मुताबिक भी सुनीता केजरीवाल सुषमा स्वराज की पुत्री बांसुरी स्वराज के खिलाफ लोकसभा चुनाव लड़ सकती हैं। हालांकि, नई दिल्ली सीट से आम आदमी पार्टी ने सोमनाथ भारती को मैदान में उतारा है। दूसरी तरफ, मनोज तिवारी के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के रूप में कन्हैया कुमार मैदान में आ रहे हैं। कुल मिलाकर विपक्ष की इस योजना से दिल्ली में 2024 के रण को दिलचस्प बनाने की है।

नई दिल्ली से लोकसभा चुनाव में सोमनाथ भारती की जगह पर लड़ सकती हैं सुनीता केजरीवाल

पिछले दिनों आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेताओं ने मंत्रणा और सलाह मशवरा भी की थी। इस मंत्रणा में सुनीता केजरीवाल को लेकर चर्चा और सुनीता केजरीवाल की भूमिका काफी अहम थी। वही राज्यसभा सांसद संजय सिंह के जमानत पर बाहर आने के बाद से आम आदमी पार्टी के चुनाव प्रचार अभियान में भी खासा तेजी आने के संकेत हैं। पार्टी ने बीते 16 अप्रैल से 23 मई तक के लिए एक आक्रामक चुनाव प्रचार की रणनीति बनाई है। इसके लिए दिल्ली की 45 विधानसभाओं पर खास फोकस करने की योजना भी है। इसमें सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी, दिल्ली की जनता का अपमान और ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग को केंद्र में रखकर प्रचार अभियान को धार देने की पूरी योजना है। सुनीता केजरीवाल के बारे में भी सूत्र बताते हैं कि वह गुजरात समेत देश के कुछ राज्यों में आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारो के लिए प्रचार करने जा सकती हैं। वही ताजा चर्चा इसकी भी है कि सुनीता केजरीवाल को भी नई दिल्ली की सीट से सोमनाथ भारती के स्थान पर आम आदमी पार्टी का उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

आम आदमी पार्टी की तरह कांग्रेस पार्टी भी करेगी दिल्ली में आक्रामक प्रचार

कांग्रेस पार्टी ने आम आदमी पार्टी के साथ समझौते में तीन सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। चांदनी चौक से प्रणीण खंडेलवाल भाजपा के उम्मीदवार हैं, तो उनसे मुकाबले में कांग्रेस पार्टी ने अपने अनुभवी नेता जयप्रकाश अग्रवाल को मैदान में उतारा है। जबकि उत्तर पश्चिम दिल्ली से बीजेपी के योगेंद्र चंदोलिया के मुकाबले में कांग्रेस पार्टी ने उदित राज को उम्मीदवार बनाया है। उदित राज दलित एक नेता हैं और लगातार अपनी आवाज मजबूती से रखते हैं। योगेंद्र चंदोलिया भी प्रवीण खंडेलवाल की तरह जमीन से उठे नेता हैं। लेकिन सबसे कड़ा मुकाबला तो उत्तर पूर्व दिल्ली से होने की उम्मीद है। यहां से बीजेपी के प्रत्याशी भोजपुरी फिल्मों के अभिनेता, गायक और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी हैं। जवाब में कांग्रेस पार्टी ने जेएनयू (JNU) के पूर्व छात्र नेता कन्हैया कुमार को उतारकर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है। वही कन्हैया कुमार न केवल युवा नेता हैं, बल्कि अपने बयानों और राजनीतिक समझ के लिए भी जाने जाते हैं। और युवाओं में खासे लोकप्रिय भी हैं।

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कन्हैया कुमार कांग्रेस पार्टी और मनोज तिवारी बीजेपी फाइल फोटो

वही बांसुरी स्वराज हैं हाई प्रोफाइल सीट से उम्मीदवार
नई दिल्ली लोकसभा सीट को काफी अहम माना जाता है। यहां से बीजेपी ने स्वर्गीय पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को मैदान में उतारा है। मां की तरह बांसुरी स्वराज भी अच्छी वक्ता हैं। वह सुप्रीम कोर्ट की वकील भी हैं। बांसुरी स्वराज से मुकाबले में सोमनाथ भारती उम्मीदवार हैं। लेकिन आम आदमी पार्टी दिल्ली में बीजेपी की मुसीबत बढ़ाने के लिए अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल को मैदान में उतारने पर विचार कर रही है। माना जा रहा है कि सुनीता केजरीवाल के मैदान में उतरने के बाद दिल्ली में लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प हो जाएगा। इस बार बीजेपी ने अपने छह उम्मीदवारो को बदला है। पूर्वी दिल्ली से हर्ष मल्होत्रा मैदान में हैं, तो उनके मुकाबले में आम आदमी पार्टी (AAP) ने कुलदीप कुमार पर भरोसा जताया है। पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी की कमलजीत सेहरावत को पुराने कांग्रेसी और बाद में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए महाबल मिश्र टक्कर दे रहे हैं। दक्षिणी दिल्ली से बीजेपी ने रामवीर सिंह विधूड़ी को टिकट दिया है, तो आप ने सहीराम पहलवान को मैदान में उतारा है।

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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