AVN News Desk New Delhi: राहुल गांधी की अगुवाई में भारत जोड़ो न्याय यात्रा फिलहाल उत्तर प्रदेश में है. लेकिन मंगलवार (20 फरवरी) को कुछ घंटों के लिए इस यात्रा पर थोड़ा सा विराम लगने जा रहा है. इसकी वजह राहुल गांधी को 2018 के एक मामले में सुल्तानपुर की एक स्थानीय कोर्ट में पेश होना है.

कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने बताया है कि मंगलवार सुबह भारत जोड़ो न्याय यात्रा कुछ देर के लिए थम जाएगी क्योंकि राहुल गांधी को मानहानि के एक मामले में सुल्तानपुर की एक स्थानीय कोर्ट में पेश होना है.

जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए बताया है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा को सोमवार को 37 दिन हो गए हैं लेकिन ये यात्रा में मंगलवार सुबह को थोड़ी देर के लिए रुकेगी और दोपहर दो बजे फिर से अमेठी के फुरसतगंज से दोबारा शुरू होगी. राहुल गांधी मंगलवार को सुबह 11 बजे सुल्तानपुर की एक स्थानीय कोर्ट में पेश हो सकते हैं.

राहुल गांधी

क्या है 2018 का ये पूरा मामला?

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को 2018 के एक मामले में 20 फरवरी को सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए (MP/MLA) कोर्ट ने तलब किया है. राहुल गांधी ने 2018 में बेंगलुरु में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ कुछ आपत्ति जनक टिप्पणी की थी. उस समय भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष विजय मिश्रा ने राहुल गांधी के खिलाफ एक शिकायत दर्ज कराई थी.

विजय मिश्रा ने इस मामले के बारे में बताते हुए कहा है कि जब यह घटना हुई, मैं उस समय भारतीय जनता पार्टी का जिला उपाध्यक्ष था. राहुल गांधी ने बेंगलुरु में गृह मंत्री अमित शाह को “हत्यारा” कहा था. जब मैंने उनके इन आरोपों के बारे में सुना तो मुझे बहुत ही दर्द हुआ क्योंकि मैं पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं. मैंने अपने वकील के जरिए शिकायत दर्ज कराई है और यह मामला बीते पांच सालों से जारी है.

अगर दोषी पाए जाने पर राहुल गांधी को कितनी सजा होगी?

विजय मिश्रा के वकील संतोष कुमार पांडेय ने कहा है कि अगर राहुल गांधी के खिलाफ पर्याप्त सबूत मिले तो उन्हें अधिकतम से अधिकतम दो साल की सजा हो सकती है.

राहुल गांधी ने 2018 में कर्नाटक के बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी और गृहमंत्री अमित शाह को लेकर एक आपत्तिजनक बयान दिया था. चार अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की जिला एवं सत्र अदालत में राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था. जिस पर जज योगेश कुमार यादव ने राहुल गांधी को समन भेजा है.

राहुल गांधी की टिप्पणी के पहले निर्दोष करार दिए गए थे अमित शाह

2018 में कर्नाटक के बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. उन्होंने अमित शाह को गुजरात में एक मुठभेड़ यानी एनकाउंटर के मामले में हत्या की वारदात में संलिप्त बताया था.

गांधी के बयान से चार साल पहले, अमित शाह को 2005 के फर्जी मुठभेड़ मामले में मुंबई की एक विशेष सीबीआई अदालत ने आरोपमुक्त कर दिया था. उस समय शाह गुजरात में गृह राज्य मंत्री थे.

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By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

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