AVN News Desk New Delhi: सरकारी भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी को रोकने के लिए कुछ दिन पहले बजट सत्र में संसद द्वारा लोक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) विधेयक-2024 को पारित किया गया था, जिसे महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंजूरी दे दी है। गौरतलब यह है कि इस कानून का उद्देश्य तमाम सरकारी प्रवेश परीक्षाओं में हो रही धांधली को रोकना है और धोखाधड़ी की जांच करना है। साथ ही सरकारी परीक्षाओं में पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता लाना है।

लोक परीक्षा भर्ती में गड़बड़ी

गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रपति ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी थी। यह आधिकारिक राजपत्र में अधिसूचना द्वारा केंद्र सरकार द्वारा तय की गई तारीख पर लागू होगा। अधिनियम में सार्वजनिक परीक्षाओं का अर्थ केंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित प्राधिकारियों द्वारा आयोजित परीक्षाओं से है। इनमें संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान और भर्ती के लिए केंद्र सरकार के विभाग और उनसे जुड़े कार्यालय शामिल हैं। सार्वजनिक परीक्षा के दौरान उम्मीदवार की सहायता करना, कंप्यूटर नेटवर्क या उनसे जुड़े संसाधनों के साथ छेड़छाड़ करना, शॉर्टलिस्टिंग या मेरिट सूची या रैंक को अंतिम रूप देने के लिए दस्तावेजों के साथ कोई छेड़छाड़ करना और फर्जी परीक्षा के लिए एक सख्त प्रावधान किए गए हैं।

यह अधिनियम समय से पहले परीक्षा से संबंधित कोई भी गोपनीय जानकारी का खुलासा करने और अनधिकृत लोगों को व्यवधान पैदा करने के लिए परीक्षा केंद्रों में प्रवेश करने से भी रोकता है। इन अपराधों के लिए तीन से पांच साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना होगा।

इसका उद्देश्य क्या हैं?

केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में कहा था कि पिछले कुछ वर्षों में प्रश्नपत्र लीक होने के मामलों ने लाखों छात्रों और अभ्यर्थियों के हितों को बहुत प्रभावित किया है। इसे रोकना बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं करना लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करना होगा। बजट सत्र की शुरुआत पर दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा था कि सरकार परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को लेकर युवाओं की चिंताओं से अवगत है। इस दिशा में सख्ती लाने के लिए ही नया कानून बनाने का निर्णय लिया गया है।

इस विधेयक का मकसद परीक्षाओं में अनुचित साधनों के उपयोग को रोकना है। संघ लोक सेवा आयोग, रेलवे भर्ती बोर्ड, कर्मचारी चयन आयोग, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी, बैंकिंग कार्मिक चयन संस्थान और केंद्र सरकार के विभाग और भर्ती के लिए उनसे जुड़े कार्यालय द्वारा कराई जाने वाली परीक्षाएं इस विधयेक के दायरे में आएंगी।

लोक परीक्षा
केंद्रीय कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह

लोक परीक्षाओं के संबंध में भी अपराध

कानून में कहा गया है कि यह परीक्षा में होने वाली किसी भी अनुचित लिप्तता या मिलीभगत या किसी साजिश पर रोक लगाता है। इन अपराधों को कारित करने पर तीन से पांच साल तक की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना भी होगा।

देश दुनिया की खबरों की अपडेट के लिए AVN News पर बने रहिए।

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *