AVN News Desk New Delhi: प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन ने देश में धान की फसल को बढ़ावा देने के लिए अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने धान की उपज देने वाली किस्मों को विकसित करने में बहुत बड़ा योगदान दिया था. उन्हीं की वजह से ही पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश को काफी मदद मिली थी.

केंद्र सरकार ने भारत में हरित क्रांति के जनक माने और कहे जाने वाले महान कृषि वैज्ञानिक डॉ. एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने का आज ऐलान किया है. पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर ट्वीट कर के इसकी जानकारी दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों के मसीहा कहने जाने वाले पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह और कांग्रेस नेता व पूर्व प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव को भी देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने का ऐलान भी किया है. इस घोषणा के बाद एमएस स्वामीनाथन की बेटी सौम्या स्वामीनाथन ने कहा है कि मेरे पिता अगर जीवित होते तो बेहद ही खुश होते.

पीएम नरेंद्र मोदी ने महान कृषि वैज्ञानिक रहे एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने की घोषणा के साथ ही अपने एक्स अकाउंट पोस्ट में लिखा, ‘यह बेहद ही खुशी की बात है कि आज भारत सरकार कृषि और किसानों के कल्याण में हमारे देश में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. एमएस स्वामीनाथन जी को आज भारत रत्न से सम्मानित कर रही है. उन्होंने चुनौतीपूर्ण समय के दौरान भारत को कृषि में आत्मनिर्भरता हासिल करने में एक अहम और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और भारतीय कृषि को आधुनिक बनाने की दिशा में उत्कृष्ट प्रयास किए है. हम एक अन्वेषक और संरक्षक के रूप में और कई छात्रों के बीच सीखने और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने वाले उनके सभी अमूल्य काम को भी पहचानते हैं. डॉ. स्वामीनाथन के दूरदर्शी नेतृत्व ने न केवल भारतीय कृषि को ही बदल दिया है बल्कि देश की खाद्य सुरक्षा और समृद्धि भी सुनिश्चित की है. वह ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें मैं करीब से जानता था और मैं हमेशा उनकी अंतर्दृष्टि और इनपुट को महत्व देता था.’

हरित क्रांति के जनक कहे जाते हैं डॉ. एमएस स्वामीनाथन

प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन ने देश में धान की फसल को बढ़ावा देने के लिए एक अहम भूमिका निभाई थी. उन्होंने धान की उपज देने वाली किस्मों को विकसित करने में बहुत बड़ा योगदान दिया था. उन्हीं की वजह से हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश को काफी मदद मिली थी.

IGRI-ICR, NCF समेत कई सारी विभागों में निभाई प्रमुख जिम्मेदारियां

कृषि वैज्ञानिक डॉ. स्वामीनाथन ने अपने कई विभागों में रहकर किसान और कृषि के विकास के लिए बहुत से अलग-अलग विभागों में प्रमुख जिम्मेदारियां निभाई थी. अपने कार्यकाल के दौरान वे कई प्रमुख पदों पर भी रहे. वो 1961 से 1972 तक भारतीय कृषि अनुसंधान ससंथान के निदेशक भी रहे थे. इसके बाद 1972 से 1979 तक आईसीआर के महानिदेशक और कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव भी रहे, 1979 से 1980 तक कृषि मंत्रालय के प्रधान सचिव के पद पर भी रहे थे. इसके अलावा यूपीए सरकार द्वारा किसानों की स्थिति का पता लगाने के लिए 2004 में उन्हें नेशनल कमीशन ऑन फार्मर्स (NCF) कमीशन का अध्यक्ष भी चुना गया था. 2004 से 2006 तक उन्होंने आयोग की पांच रिपोर्ट भी सौंपी थी, जिसमें किसानों की स्थिति सुधारने के कई सुझाव भी दिए गए थे.

MSP को लेकर किसानों के हित में दिया था ये फॉर्मूला

डॉ. स्वामीनाथन ने बहुत पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लेकर किसानों की परेशानियों को भी समझ लिया था. एमएसपी यानी किसानों के उत्पाद का वह मूल्य जिसे केंद्र सरकार तय करती है. उन्होंने अपनी रिपोर्ट में सरकार को किसानों को उनकी फसल की लागत के 50 फीसदी मुनाफा का फॉर्मूला यानी C2+50% का फॉर्मूले का सुझाव दिया था. ताकि किसानों को पचास प्रतिशत का मुनाफा मिलाकर एमएसपी दिया जा सके.

पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से भी हैं सम्मानित

देश के किसानों और कृषि में एक अहम योगदान के लिए डॉ. स्वामीनाथन को 1987 में कृषि के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मानों में से एक प्रथम खाद्य पुरस्कार से सम्मानित भी किया गया था. इसके अलावा उन्हें पद्मश्री, पद्म भूषण, पद्म विभूषण,  शांति स्वरूप भटनागर पुरस्कार, रेमन मैग्सेसे पुरस्कार और अल्बर्ट आइंस्टीन विश्व विज्ञान पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.

डॉ. एमएस स्वामीनाथन
डॉ. एमएस स्वामीनाथन फाइल फोटो

तमिलनाडु के तंजावुर में हुआ था उनका जन्म

मनकोम्बु संबाशिवन स्वामीनाथन का जन्म 07 अगस्त 1925 को मद्रास के कुंभकोणम गांव में हुआ था. 1951 में कैम्ब्रिज में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात मीना से हुई थी, जिनसे बाद में उन्होंने शादी भी की थी. उनकी तीन बेटियां हैं- सौम्या स्वामीनाथन (बाल रोग विशेषज्ञ), मधुरा स्वामीनाथन (अर्थशास्त्री) और नित्या स्वामीनाथन (ग्रामीण विकास) है. डॉ. स्वामीनाथन ने पिछले साल 28 सितंबर 2023 को तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में 93 साल की उम्र में अंतिम सास ली थी.

By Chandan Patel

चंदन पटेल AVN News से लंबे समय से जुड़े पत्रकार हैं। उन्होंने वर्ष 2020 से रिपोर्टर के रूप में पत्रकारिता की शुरुआत की और जमीनी स्तर की खबरों को प्रमुखता से उठाते हुए लगातार अपनी पहचान बनाई। वर्तमान में वे AVN News के एडिटर-इन-चीफ के रूप में समाचार संपादन, कवरेज और डिजिटल पत्रकारिता का नेतृत्व कर रहे हैं। राजनीति, खेल,स्थानीय मुद्दों, जनसमस्याओं, प्रशासनिक गतिविधियों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरों को तथ्यपरक और सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी पत्रकारिता की प्रमुख विशेषता है। उनका उद्देश्य आम लोगों की आवाज को प्रमुखता देना और विश्वसनीय खबरों के माध्यम से समाज को जागरूक करना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *