एथेनॉल किससे बनता है? जानिए एथेनॉल बनाने के स्रोत, प्रक्रिया और उपयोग की पूरी जानकारी..
एथेनॉल (Ethanol) एक प्रकार का अल्कोहल है, जिसका रासायनिक सूत्र C₂H₅OH है। इसे आम भाषा में एथिल अल्कोहल भी कहा जाता है। एथेनॉल प्राकृतिक रूप से शर्करा के किण्वन (Fermentation) से बनाया जा सकता है और औद्योगिक स्तर पर इसे पेट्रोकेमिकल स्रोतों से भी तैयार किया जाता है।
एथेनॉल मुख्य रूप से किससे बनता है?
भारत में एथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने और अनाज से किया जाता है। इसके अलावा कुछ अन्य कृषि उत्पादों से भी एथेनॉल बनाया जा सकता है।
- गन्ने से एथेनॉल
गन्ने से चीनी बनाने के दौरान मोलासेस (शीरा) नामक गाढ़ा तरल पदार्थ निकलता है। इसमें पर्याप्त मात्रा में शर्करा होती है, जिसे यीस्ट की मदद से किण्वित करके एथेनॉल बनाया जाता है।
गन्ने के रस या सिरप से भी एथेनॉल उत्पादन किया जा सकता है, खासकर जब चीनी उत्पादन की बजाय एथेनॉल उत्पादन को प्राथमिकता दी जाती है।
- मक्का और अन्य अनाज से
मक्का, टूटे हुए चावल, गेहूं और अन्य स्टार्चयुक्त अनाज से भी एथेनॉल बनाया जाता है। इनमें मौजूद स्टार्च को पहले एंजाइम की सहायता से शर्करा में बदला जाता है। इसके बाद शर्करा का किण्वन कर एथेनॉल तैयार किया जाता है।
- गन्ने के शीरे (Molasses) से
चीनी मिलों में चीनी निकालने के बाद बचने वाला शीरा एथेनॉल उत्पादन का महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसमें मौजूद शर्करा को यीस्ट किण्वित करता है और उससे एथेनॉल तथा कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं।
- सेलुलोसिक सामग्री से
भविष्य में धान का पुआल, गेहूं का भूसा, मक्का के अवशेष और लकड़ी जैसे पौधों के रेशेदार हिस्सों से भी बड़े पैमाने पर एथेनॉल बनाया जा सकता है। इसे सेकंड-जनरेशन या 2G एथेनॉल कहा जाता है।
इस प्रक्रिया में पौधों में मौजूद सेलुलोज और हेमीसेलुलोज को पहले सरल शर्करा में बदला जाता है और फिर उसका किण्वन किया जाता है।

एथेनॉल कैसे बनता है?
एथेनॉल बनाने की सामान्य प्रक्रिया को आसान भाषा में इस प्रकार समझा जा सकता है:
कच्चा माल → शर्करा → किण्वन → आसवन → एथेनॉल
पहला चरण: कच्चे माल की तैयारी
गन्ने का शीरा, गन्ने का रस या अनाज जैसे कच्चे माल को तैयार किया जाता है। यदि अनाज में स्टार्च मौजूद है तो उसे एंजाइम की सहायता से शर्करा में बदला जाता है।
दूसरा चरण: किण्वन (Fermentation)
रा वाले घोल में विशेष प्रकार का यीस्ट डाला जाता है। यीस्ट शर्करा को एथेनॉल और कार्बन डाइऑक्साइड में बदलता है।
सरल रूप में:
शर्करा → एथेनॉल + कार्बन डाइऑक्साइड
तीसरा चरण: आसवन (Distillation)
किण्वन (Fermentation) के बाद प्राप्त मिश्रण में एथेनॉल के साथ पानी और अन्य पदार्थ भी मौजूद होते हैं। एथेनॉल को अलग और अधिक शुद्ध करने के लिए डिस्टिलेशन (आसवन) की प्रक्रिया अपनाई जाती है।
चौथा चरण: निर्जलीकरण (Dehydration)
यदि एथेनॉल को पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप में इस्तेमाल करना हो, तो उसमें मौजूद पानी को बहुत कम स्तर तक लाया जाता है। इस प्रक्रिया को Dehydration कहा जाता है।
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पेट्रोल में एथेनॉल क्यों मिलाया जाता है?
एथेनॉल का उपयोग एथेनॉल का उपयोग पेट्रोल में मिलाए जाने वाले ऑक्सीजनयुक्त ईंधन घटक के रूप में किया जाता है। इससे पेट्रोलियम पर निर्भरता कम करने, कृषि आधारित कच्चे माल का उपयोग बढ़ाने और जीवाश्म ईंधन की खपत को कम करने में मदद मिल सकती है।
भारत में एथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल (EBP) कार्यक्रम के तहत पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने को बढ़ावा दिया गया है।
एथेनॉल का उपयोग कहाँ-कहाँ होता है?
एथेनॉल के कई महत्वपूर्ण उपयोग हैं:
- – पेट्रोल में मिलाकर ईंधन के रूप में
- – सैनिटाइजर और कुछ कीटाणुनाशक उत्पादों में
- – दवा उद्योग में
- – कॉस्मेटिक्स और परफ्यूम उद्योग में
- – रासायनिक उद्योग में
- – औद्योगिक सॉल्वेंट के रूप में
- – अल्कोहलिक पेय पदार्थों में
- – विभिन्न औद्योगिक प्रक्रियाओं में
एथेनॉल और अल्कोहल में क्या अंतर है?
अल्कोहल एक व्यापक रासायनिक श्रेणी है, जबकि एथेनॉल एक विशेष प्रकार का अल्कोहल है। पीने योग्य अल्कोहलिक पेय पदार्थों में इस्तेमाल होने वाला मुख्य अल्कोहल एथेनॉल ही होता है।
हालांकि औद्योगिक या डिनैचर्ड एथेनॉल को पीना बेहद खतरनाक हो सकता है, क्योंकि उसमें ऐसे पदार्थ मिलाए जा सकते हैं जो मानव सेवन के लिए उपयुक्त नहीं होते।
क्या एथेनॉल पेट्रोल से बनता है?
सामान्यतः भारत में ईंधन के लिए इस्तेमाल होने वाला जैव-आधारित एथेनॉल गन्ने, शीरे और अनाज जैसे कृषि स्रोतों से बनाया जाता है। हालांकि औद्योगिक स्तर पर एथेनॉल को एथिलीन जैसे पेट्रोकेमिकल कच्चे माल से रासायनिक प्रक्रिया द्वारा भी बनाया जा सकता है।
निष्कर्ष
- एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने, गन्ने के शीरे और अनाज से बनाया जाता है। इसके अलावा कृषि अवशेषों से 2G एथेनॉल बनाने की तकनीक भी विकसित की जा रही है। किण्वन (Fermentation) आधारित उत्पादन में शर्करा को यीस्ट की सहायता से एथेनॉल में बदला जाता है और बाद में आसवन तथा आवश्यकतानुसार निर्जलीकरण करके इसे शुद्ध किया जाता है।
- इसी वजह से एथेनॉल को केवल शराब के रूप में नहीं, बल्कि ईंधन, औद्योगिक रसायन, दवा और सैनिटाइजिंग उत्पादों में इस्तेमाल होने वाला महत्वपूर्ण पदार्थ माना जाता है।
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By : KP
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