सिकंदरा थाना क्षेत्र के बसैया गांव की घटना से दहला जिला, समाज में उठे कई सवाल: जमुई जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र अंतर्गत बसैया गांव में मानवता को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है। आरोप है कि ससुराल वालों ने 21 वर्षीय चार माह की गर्भवती महिला निभा कुमारी को जिंदा जलाकर मार डाला। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और इलाके में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
मृतका की पहचान निभा कुमारी के रूप में हुई है, जिसकी शादी वर्ष 2022 में कुंदन चौधरी के साथ हुई थी। परिजनों के अनुसार शादी के बाद से ही निभा को प्रताड़ित किया जाता था। अब उसकी दर्दनाक मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद घर छोड़कर फरार हुए आरोपी
बताया जा रहा है कि घटना को अंजाम देने के बाद पति कुंदन चौधरी, सास, ससुर समेत परिवार के अन्य सदस्य घर छोड़कर फरार हो गए। घर में निभा का शव पड़ा मिला, जिसे देखकर आसपास के लोग सन्न रह गए।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जिला प्रशासन के निर्देश पर देर रात शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया।
चार माह की गर्भवती थी निभा
स्थानीय लोगों के अनुसार निभा कुमारी चार माह की गर्भवती थी। एक मां बनने का सपना देखने वाली बेटी की इस तरह दर्दनाक मौत ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। गांव की महिलाएं और आसपास के लोग घटना को लेकर बेहद दुखी और आक्रोशित हैं।
लोगों का कहना है कि अगर समय रहते घरेलू हिंसा और महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार पर सख्ती से कार्रवाई होती, तो शायद एक जिंदगी और एक दुनिया में आने वाला नवजात की जिंदगी भी बचाई जा सकती थी।
पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी
पुलिस ने मामला दर्ज कर सभी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी है। आखिर कब तक बेटियां दहेज, घरेलू हिंसा और प्रताड़ना का शिकार होती रहेंगी?
एक गर्भवती महिला को जिंदा जलाने जैसी घटनाएं समाज की संवेदनहीनता को उजागर करती हैं। जरूरत है कि परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर कदम उठाएं ताकि किसी और निभा की जिंदगी इस तरह खत्म न हो।
महिलाओं की सुरक्षा पर सख्त कानून लागू करने की मांग
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसी घटनाओं में त्वरित न्याय जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की हैवानियत और अमानवीय घटना करने से पहले सौ बार सोचे।
