गिद्धौर बाजार में रविवार को ऐसा महाजाम लगा कि लोगों की सांसें थम सी गईं। सड़क पर चारों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। बाइक, कार, ट्रक और ऑटो – सब एक-दूसरे में ऐसे उलझ गए कि निकलना मुश्किल हो गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यह जाम अचानक नहीं बल्कि धीरे-धीरे बढ़ते-बढ़ते विकराल रूप ले लिया।
एम्बुलेंस भी फंसी, मरीज की हालत बिगड़ी
सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस महाजाम में एक एम्बुलेंस भी घंटों फंसी रही। एम्बुलेंस में मौजूद मरीज को अस्पताल पहुंचाने में काफी देर हो गई, जिससे उसकी हालत और गंभीर हो गई। आसपास के लोग बेबस नजर आए, लेकिन जाम की स्थिति ऐसी थी कि कोई मदद नहीं कर पा रहा था।
112 सेवा बनी रही मूकदर्शक
घटना के दौरान पुलिस की 112 सेवा भी मौके पर मौजूद रही, लेकिन लोगों का आरोप है कि उन्होंने जाम हटाने में कोई ठोस पहल नहीं की। लोग लगातार मदद की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन हालात जस के तस बने रहे। इससे लोगों में नाराजगी साफ देखने को मिली।
वीडियो हुआ वायरल, लोगों में आक्रोश
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो किसी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे लोग परेशान हैं और एम्बुलेंस बीच सड़क पर फंसी हुई है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं।
समाजसेवी की पहल से टूटा जाम
घंटों की मशक्कत के बाद समाजसेवी गौरव सिंह राठौड़ ने खुद आगे बढ़कर मोर्चा संभाला। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से वाहनों को व्यवस्थित कराया और धीरे-धीरे जाम को खत्म करवाया। उनकी इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है।
प्रशासन पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर समय रहते कार्रवाई होती, तो शायद इतनी बड़ी समस्या नहीं होती। लोगों का कहना है कि गिद्धौर जैसे व्यस्त इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर ठोस योजना की जरूरत है।
गिद्धौर का महाजाम व्यवस्था की कमजोरी
गिद्धौर का यह महाजाम सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करता है। जरूरत है कि प्रशासन इससे सबक ले और भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए ठोस कदम उठाए। क्योंकि सड़क पर जाम सिर्फ समय नहीं, कभी-कभी जिंदगी भी छीन लेता है।

