जमुई जिले के गरही थाना क्षेत्र अंतर्गत बोझायत गांव में एक चौकीदार पर मारपीट और प्रताड़ना का गंभीर आरोप सामने आया है। गांव के निवासी राजकुमार यादव ने इस मामले में पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। आरोप गरही थाना में कार्यरत चौकीदार शीतल देव तुरी पर लगाया गया है।
मां पर लाठी से हमला करने का आरोप
राजकुमार यादव ने मंगलवार सुबह पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल को लिखित आवेदन सौंपते हुए बताया कि 18 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7 बजे चौकीदार शीतल देव तुरी ने उनकी मां बेदमियों देवी पर लाठी से हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर पर गंभीर चोट आई।
पीड़ित परिवार का कहना है कि घटना अचानक हुई और बिना किसी ठोस कारण के चौकीदार ने हमला कर दिया।
विरोध करने पर दी धमकी
राजकुमार यादव के अनुसार, जब उन्होंने अपनी मां पर हुए हमले का विरोध किया, तो चौकीदार ने उनके साथ गाली-गलौज की। इतना ही नहीं, उन्हें एससी-एसटी एक्ट के तहत झूठे मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
पीड़ित का कहना है कि इस धमकी के कारण परिवार मानसिक रूप से दहशत में है और गांव में भी भय का माहौल बना हुआ है।
शराब के नशे में अभद्र व्यवहार का आरोप
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि चौकीदार शीतल देव तुरी कथित तौर पर अक्सर शराब के नशे में गांव में हंगामा करता है और ग्रामीणों के साथ अभद्र व्यवहार करता है। राजकुमार यादव का आरोप है कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की हरकतों से गांव की शांति भंग हो रही है।
थाना स्तर पर नहीं हुई ठोस कार्रवाई
पीड़ित परिवार ने बताया कि घटना के तुरंत बाद उन्होंने गरही थाना में शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की। हालांकि, आरोप है कि थाना अध्यक्ष ने केवल चौकीदार को डांट-फटकार लगाकर मामला शांत कर दिया। परिवार का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद भी चौकीदार के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया और वह लगातार धमकी देता रहा।
जमुई एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
राजकुमार यादव ने पुलिस अधीक्षक से निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी घटना हो सकती है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच किए जाने की बात कही जा रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिलता है।

(नोट: यह खबर पीड़ित द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर प्रकाशित की जा रही है। पुलिस जांच के बाद ही मामले की सच्चाई स्पष्ट होगी।)
